Hindi · Needa-E-Haq

Nida-E-Haq (Hindi)

          🌐निदा-ए-हक🌐
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♻ग्यारहवी की नियत सुन्नत या बिदअत❓
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✅कुर्बानी के जानवर को सिर्फ रजाए-इलाही (अल्लाह की रजा) के लिए ज़िब्ह करना चाहिए क्युकी जानवारो को गेरुल्लाह के तकर्रुब के लिए ज़िब्ह करना ,गेरुल्लाह के नाम पर छोड़ देना, ऐसी जगह ज़िब्ह करना जहाँ गेरुल्लाह की इबादत और शिर्क होता हो ,सब हराम है।

📎”सय्यिदिना अली (रजि.) से रिवायत है कि रसुलुल्लाह (सल्ललाहो अल्लैहि व सल्लम) ने फ़र्माया –
‘अल्लाह तआला उस आदमी पर लअनत करे जो अपने वालिद पर लअनत करे,अल्लाह तआला उस आदमी पर  लअनत करे जो किसी बिदअती को पनाह दे और अल्लाह तआला उस आदमी पर लअनत करे जो जमींन की अलामतों को बदले’।”
📚सहीह मुस्लिम

☑कुछ नासमझ लोग कुर्बानी जैसी अजीम इबादत में ग्यारहवी की नियत कर लेते है और अमल को जाए (बर्बाद) कर लेते है। ऐसे लोगों को अल्लाह तआला से डरना चाहिये और बजुर्गो की मुहब्बत में आकर अपने रब की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहियें और उसकी अजमत व बड़ाई और किब्रियाइ को नहीं भूलना चाहिये।
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🌐निदा-ए-हक़🌐
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