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अभी अभी: EVM मशीन का LIVE टेस्ट, BJP को 3 वोट डले लेकिन 7 मिले, पूरे देश में मचा हाहाकार

Ujjawal Prabhat 10 May. 2017 13:52

दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने EVM मशीन का लाइव टेस्ट करके दिखाया. सौरभ भारद्वाज ने ‘आज तक’ के साथ खास बातचीत करते हुए कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है. उन्होंने कहा कि ईवीएम की हर पार्टी में सीक्रेट कोड होता है. सौरभ भारद्वाज ने ‘आज तक’ पर लाइव ईवीएम का टेस्ट करके भी दिखाया.

लाइव टेस्ट में बीजेपी को फायदा
आज तक पर लाइव टेस्ट करते हुए सौरभ ने दिखाया कि ईवीएम मशीन किस तरह काम कर रही है. टेस्ट के दौरान आज तक के रिपोर्टर अंकित त्यागी ने एक-एक करके पांच पार्टियों को एक-एक वोट डाला, जिसके बाद सौरभ ने एक कोड मशीन में डाला और कहा कि अब मशीन में जितने भी वोट डलेंगे वो बीजेपी के पास जाएंगे.
वोट डाले 3 लेकिन मिले 7 वोट

असली गिनती के अनुसार, बीजेपी को तीन वोट और अन्य पार्टियों को 2-2 वोट डाले गये. लेकिन कोड के बात की गिनती में दिखा कि बीजेपी को 7 वोट मिले और बाकी सभी पार्टियों को 1-1 वोट मिला. सौरभ बोले कि यह दर्शाता है कि ईवीएम को हैक करना कितना आसान है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम पिछले कुछ महीनों से सवाल उठा रहे थे कि ईवीएम को टेंपर किया जा सकता है. सौरभ ने कहा कि देश और विदेश में कई जगह ईवीएम पर रिसर्च करते हैं, सौरभ ने कहा कि हमारी ये ईवीएम कैसे बनी है इसकी जानकारी बहुत लोगों को होगी. हमने चुनाव आयोग की मशीन जैसी ही मशीन बनाई.

आज तक से बात करते हुए सौरभ बोले कि 2009-10 में चुनाव आयोग की कई मशीनें गायब हुई थी, जो कि बाद में कबाड़ी की दुकान से मिली थी. यह घटना आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की है.

सौरभ ने कहा कि चुनाव आयोग को भी नहीं पता है कि ईवीएम मशीन कैसे बनाई जाती है. इसका काम आउटसोर्स पर होता है. उन्होंने कहा कि हम लोग ईवीएम बनाने वालों का खुलासा नहीं करेंगे. ये हमारे ही इन हाउस और जानकार लोगों के साथ मिलकर ही इस मशीन को बनाया है. सौरभ ने कहा कि ये जरूरी नहीं है कि इस मशीन में क्या है.

सौरभ ने कहा कि लोकतंत्र की पूरी नींव ईवीएम पर टिकी थी, पहले कहा जाता था कि इसकी चिप रिडेबल नहीं है. सौरभ ने कहा कि मशीन टेंपर होने के बाद भी एक बार वोट डालने के बाद भी मशीन को सिग्नल किया जाता है.

सौरभ ने कहा कि हमने ये नहीं कहा कि चुनाव आयोग की मशीन चीन या जापान ने हैक करली, हमने कहा कि जिन कंपनियों ने ये मशीन बनाई है, तो ये आप खुद भी हैक कर सकते हैं.

सौरभ बोले कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है कि अगर कोई मशीन हैक करे तो वह उनसे बात करे और पूछे कि ये गड़बड़ी कैसे हुई हम इसको सुधारना चाहेंगे. सौरभ ने कहा कि 2009 में प्रोफेसर हरिप्रसाद ने अमेरिका के लोगों के साथ मिलकर चुनाव आयोग की असली मशीन को हैक करके दिखाया. सौरभ ने कहा कि सिर्फ चुनाव के दौरान ही ईवीएम मशीन सुरक्षा में रहती है, बाकि समय आसानी से इसे हैक किया जा सकता है.

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